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[texts]गुजरात का अंतर्पाठ जनसत्ता - प्रफुल्ल कोलख्यान
गुजरात का अंतरपाठ...
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; गुजरात; जनसत्ता.kolkhyan; gujrat; hindi; jansatta
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[texts]ठीक नहीं जी, हाँ ठीक नहीं - प्रफुल्ल कोलख्यान
यह माना गहन अँधेरा हैयह भी कि दूर सबेरा हैपर चुप्पा-चुप्पी ठीक नहींमाथे पर धर हाथ बैठनाचुप रहना और सब सहनाठीक नहीं जी, हाँ ठीक नहीं 
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; कविता; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]लोग बेखौफ हैं - प्रफुल्ल कोलख्यान
लोग बेखौफ हैंउन्हें एक ही शिकायत थी फिलहाल किगुब्बारों के फूटने या फोड़ दिये जाने के बारे मेंकानूनी स्थिति उतनी साफ नहीं है इस मुल्क में
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; कविता; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]आलोचना की संस्कृति - प्रफुल्ल कोलख्यान
जीवन-विवेक न उभय-निष्क्रियता की बात करता है और न निष्पक्षता की। ऐसा इसलिए कि विषम समाज अपनी निर्मिति में ही पक्षपातपूर्ण होता है। पक्षपातपूर्ण वातावरण में, निष्पक्षता चालू पक्षपातपूर्ण व्य...
Keywords: कोलख्यान; संस्कृति; आलोचना; kolkhyan; hindi
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[texts]साहित्य, समाज और जनतन्त्र - प्रफुल्ल कोलख्यान
यह सहज ही परिलक्षित हो जाता है कि विरोध या अंधविरोध की प्रवृत्ति से परंपरा  की जीवित और जीवनदायनी शक्ति की क्षयशीलता में उतनी वृद्धि नहीं होती है जितनी कि नासमझ परंपरा-प्रेम या-अंधप्रेम के आग...
Keywords: कोलख्यान; साहित्य; समाज; जनतन्त्र; kolkhyan
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[texts]नव-नैतिकता की तलाशः गमे रोजगार भी, गमे इश्क भी - प्रफुल्ल कोलख्यान
अन्याय और अनैतिकता सहोदर हैं विषमता इनकी जननी है। अन्याय और अनैतिक स्थिति में मनुष्य जी नहीं सकता है इसलिए दुनिया मुट्ठी में करनेवालों को  भी कदम-कदम पर न्याय और नैतिकता की जरूरत होती है। इस ...
Keywords: कोलख्यान; नवनैतिकता; नैतिकता; समाज; हिंदी; kolkhyan; hindi; navnaikta
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[texts]Prafulla Kolkhyan Format Bhasha Me Bhranti - PrafuLla Kolkhyan
BHASHA ME BHRANTI
Keywords: Kolkhyan
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[texts]धरती की ओर से दी गई राहत - प्रफुल्ल कोलख्यान
बादलमौसम विभाग के वेतन पर पलता हैऔर मौसम विभागउनके द्वारा अदा किये गये टैक्स से चलता है
Keywords: कोलख्यान; कविता; हिंदी; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]पावस मृदुल-मृदुल बरसे - फ्रफुल्ल कोलख्यान
सामाजिकता संबंधों के समुच्चय का ही एक नाम है। आज का एक बड़ा समाजिक संकट यह है कि संबंधों के बीच का पानी सूख गया है। चाहे  संबंध मनुष्य के साथ के हों या अन्य प्राणियों और प्रकृति के ही साथ के क्यो...
Keywords: कोलख्यान; पावस; kolkhyan; hindi
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[texts]देश में जनादेश का संदेश - प्रफुल्ल कोलख्यान
भारत में जनतंत्र बहुत लंबे संघर्ष के बाद स्थापित हुआ है। जनतांत्रिक व्यवस्था में जनादेश का बहुत महत्त्व होता है। जनादेश को समझने में हुई चूकों की भारी कीमत समाज को चुकानी पड़ती है। यह कीमत त...
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; जनादेश; kolkhyan; hindi
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[texts]Rafa Yadain رفع يدين - Irfan
ترك رفع يدينProof for not performing rafa yadain
Keywords: Islamic salah
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[texts]विचार, समाज और साहित्य - प्रफुल्ल कोलख्यान
कुछ विचारक जिन्हें हम उनकी तमाम भाव-भंगिमाओं और उछल-कूद के बावजूद साहित्यिक ही समझते हैं उनके खुद का दावा दार्शनिक होने का प्रतीत होता है और क्या पता वे हों भी! संक्षेप, में यहाँ हमारा आशय सिर्...
Keywords: कोलख्यान; विचार; समाज; साहित्य; आलोचना; kolkhyan
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[texts]साहित्य सामज और जनतंत्र - प्रफुल्ल कोलख्यान
वस्तुत: साहित्य, समाज और जनतंत्र चक्रमान मानव-अस्मिता के समबाहु त्रिभुज की आधार-रेखाएँ हैं। इनमें से एक के भी अ-स्थिर या कंपित-झंपित होने से मानव विरोधी मानवीय प्रवृत्तियों की वैधता के लिए जग...
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; साहित्; समाज; जनतंत्र; kolkhyan; hindi; sahitya; samaj; jantantra
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[texts]Agnipanthi By Pandit Ram Dayal Pandey - Pandit Ram Dayal Pandey
HINDI POETRY - FREEDOM FIGHTERS
Keywords: Hindi Poetry; Agnipanthi; Pandit Ram Dayal Pandey
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[texts]03 Samved Index 1875 - Shringirishi Krishan Dutt Ji
Saamved
Keywords: Saamved gayan
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[texts]Anusandhan Jan March 2014 - Fuzail Ahmad
Anusandhan Jan March 2014
Keywords: Hindi
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[texts]जल बीच मीन पियासी - प्रफुल्ल कोलख्यान
यह बिल्कुल निराधार आशंका नहीं है कि जिनके हित में आंतरिक उपनिवेश का बने रहना ही जरूरी था उन्हीं के हाथों में बाहरी उपनिवेश से मुक्ति के नेतृत्व का होना इस आत्मघात का प्रमुख कारण बना। तात्पर्...
Keywords: कोलख्यान; स्त्री-विमर्श; आलोचना; हिंदी; kolkhyan; hindi
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[texts]इनकार का हक और हक का इनकार - प्रफुल्ल कोलख्यान
मकान बनाने की ललक बढ़ी है। घर बसाने की ईहा कम हुई है। तलाक की घटना की संख्या में चिंतनीय वृद्धि हुई है। इन्हें जीवन-यापन में स्थायित्व के अवसरों की कमी से भी जोड़कर देखा जा सकता है। ......
Keywords: कोलख्यान; नैतिक; आलोचना; kolkhyan; hindi
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[texts]हिंदी साहित्य, समाज और 1857 - प्रफुल्ल कोलख्यान
अपने अधिकांश में इतिहास लेखन की प्रक्रिया राजनीतिक प्रक्रिया की अधीनस्थ कार्रवाई है। इतिहास लेखन की इस ऐतिहासिक अधीनस्थता को समझने से यह बात ठीक से साफ हो पायेगी क्यों इतिहास-लेखन विजेता क...
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; साहित्य; kolkhyan; hindi; 1857
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[texts]भारत संघ की संरचना - प्रफुल्ल कोलख्यान
मुझे इस बात की चिंता हो रही है कि भारत संघ की आंतरिक संरचना में विघटनकारी बदलाव हो रहे हैं। भारत का संविधान एक विचार भी है और भावना भी।
Keywords: कोलख्यान; हिंदीसआलोचना; kolkhyan; hindi
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[texts]इतिहास से आती लालटेनों की मद्धिम रोशनियाँ - प्रफुल्ल कोलख्यान
मानव सभ्यता की लंबी यात्रा में, अबौद्धिकता का जोखिम उठाते हुए भी, सुकुमार सपनों का सनातन निवास कविता ही रही है। कविता में जीवन के यथार्थ के प्रति सलूक का अपना सलीका होता है। हमारे समय में इस सभ...
Keywords: kolkhyan; hindi; vimlesh; कोलख्यान; आलोचना
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[texts]Hindi Book Shri Jwalamukhi Teerth
Hindi Book Shri Jwalamukhi Teerth
Keywords: Hindi Book Shri Jwalamukhi Teerth
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[texts]Gazette Of Madhya Pradesh( Extraordinary) 01 September 2010 No. 444 - Government Of Madhya Pradesh, India
Gazette of Madhya Pradesh(Extraordinary) 01 September 2010 No.444
Keywords: Gazette of Madhya Pradesh(Extraordinary) 01 September 2010 No.444
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[texts]दुःस्साध्य भाषिक कारीगरीः क़िस्सा कोताह - प्रफुल्ल कोलख्यान
जीवन में बदलाव की बयार बह रही है। साहित्य में इस बयार से एक नए तरह का वातावरण बन रहा है। विधाओं की परंपरागत सीमाएँ टूट रही हैं। इधर विधाओं के संदर्भ में यह सामान्य साहित्यिक प्रवृत्ति चलन में ...
Keywords: kolkhyan; hindi; कोलख्यान; राजेश; किस्सा; आलोचना
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[texts]अब नहीं होती किसी से कोई शिकायत - प्रफुल्ल कोलख्यान
पहले होती थी बहुतअब नहीं होती किसी से कोई शिकायतन रूबल से, न डॉलर सेहाँ, तुम से भी नहीं और आप से भी नहीं
Keywords: कोलख्यान; कविता; हिंदी; kolkhyan; kavita; hindi
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[texts]Gazette Of Madhya Pradesh( Extraordinary) 13 March 1985 No. 83 - Government Of Madhya Pradesh, India
Gazette of Madhya Pradesh(Extraordinary) 13 March 1985 No.83
Keywords: Gazette of Madhya Pradesh(Extraordinary) 13 March 1985 No.83
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[texts]Prafulla Kolkhyan Bhasha Me Bhranti - Prafulla Kolkhyan
Bhasha Me Bhranti
Keywords: kolkhyan
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[texts]bol_ari_o_dharti_bol - Pratidhwani
Pro-people songs collected by Pratidhwani
Keywords: Songs; movement; revolutionary; hindi; hindustani; urdu
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[texts]रात की अंतिम गाड़ी के पीछे - प्रफुल्ल कोलख्यान
रात की अंतिम गाड़ी के पीछेरात की अंतिम गाड़ी के पीछे की भुकभुकाती लाल बत्ती जब धीरे-धीरेपुतलियों से ओझल होती जा रही हो ठीक उस समय कितना असहाय होता हैप्लेटफॉर्म पर खड़ा यात्री, स्तब्ध, बेचैन औ...
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; कविता; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]देश में जनादेश का संदेश जनसत्ता - प्रफुल्ल कोलख्यान
जनतंत्र में चुनाव से प्राप्त जनादेश मूलत: अस्थाई ही होता है। इस अस्थाई जनादेश के कई प्रभाव चिरस्थाई होते हैं। गुजरात के जनादेश को पढ़ने में होनेवाली चूक का खामियाजा देश को स्थाई रूप से भोगना ...
Keywords: कोलख्यान; जनादेश; हिंदी; गुजरात; kolkhyan; hindi; gujrat; jansatta; जनसत्ता
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[texts]केदारनाथ सिंह की कविता बाघ - प्रफुल्ल कोलख्यान
श्रीकांत वर्मा की कविता में यह बात रेखांकित है कि सुने जाने का रिवाज खत्म हो जाने पर सोचे जाने के अभाव का हाहाकार ही बचता है। केदारनाथ सिंह की कविता में नगरवासी सोचते हुए पाये जाते हैं-- नगरवास...
Keywords: कोलख्यान; केदारनाथ; बाघ; कविता; kolkhyan
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[texts]EPV Artical
Express Park View Apartments exceptional free flowing layouts, clean design and large expansive windows are the hallmark of these residences, that offer ample natural light and create a sense of space beyond the expected. Every corner of these 2 BHK and 3 BHK apartments ranging from 831 sq. ft. to 1458 sq. ft. respectively offers a space quality that exudes purity. ·         2 BHK – 831 sqft ·         2 BHK – 1000 sqft ·         3 BHK – 1267 sqft 3 BHK + Servant ...
Keywords: 3bhk resale flat in Express Park View
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[texts]Gazette Of Madhya Pradesh( Extraordinary) 29 December 1984 No. 570 - Government Of Madhya Pradesh, India
Gazette of Madhya Pradesh(Extraordinary) 29 December 1984 No.570
Keywords: Gazette of Madhya Pradesh(Extraordinary) 29 December 1984 No.570
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[texts]Gazette Of Madhya Pradesh( Extraordinary) 30 April 1985 No. 177 - Government Of Madhya Pradesh, India
Gazette of Madhya Pradesh(Extraordinary) 30 April 1985 No.177
Keywords: Gazette of Madhya Pradesh(Extraordinary) 30 April 1985 No.177
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[texts]अंतिम क्षण में जनतंत्र - प्रफुल्ल कोलख्यान
बिना किसी आदर्श के, बिना किसी नायक के किसी सामाजिकता की गत्यात्मकाता में आत्मीयता का कोई प्रसंग नहीं जुड़ता है। इसका एक कारण यह है कि आदर्श और नायक से ही लोगों के मनोजगत का तादात्मीयकरण संभव ह...
Keywords: कोलख्यान; जनतंत्र; आलोचना; प्रेमचंद; रघुवीर; kolkhyan; hindi
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[texts]बाकलम खुद कुमारिल खुद प्रभाकर हिंदी के नामवर - प्रफुल्ल कोलख्यान
वस्तुत: आलोचना का काम साहित्य और संस्कृति में सक्रिय अंधबिंदुओं की पहचान और साहित्य और संस्कृति के उपादानों के सहारे ही अंधबिंदुओं को निष्क्रिय कर दृष्टिबिंदुओं को सक्रिय बनाने का है। बहैस...
Keywords: कोलख्यान; नामवर; आलोचना; kolkhyan; namvar; alochana; hindi
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[texts]ढूढ़ू पनाह क्या मतलब - प्रफुल्ल कोलख्यान
जब तू ही मेरा दोस्त नहीं रहा जालिम तो।अब किसी और से रस्मो-राह, क्या मतलब।।
Keywords: कोलख्यान; कविता; हिंदी; kolkhyan; kavita; hindi
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[texts]आवाज को खामोशी में बदलने और - प्रफुल्ल कोलख्यान
मैं खामोश हूँजब भी तुम्हारा मुँह खुलेगामेरी खामोशी तुम्हारी जुबान पर चढ़कर बोलेगी
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; कविता; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]कातिल से जिरह करेगा, रे पागल मकतूल - प्रफुल्ल कोलख्यान
हाँ, बहुत महीनी छाँट लिये, बेटा तुम परफूल।मोटी-मोटी बात करो अब, मत दुहराओ भूल।यहाँ लाख टका डोनेशन पर, मिलता है स्कूल।सच नेशन से बड़ा डोनेशन अब है यही उसूल।सच कमीशन सच है, मिशन है अब उलजुलूल।
Keywords: कोलख्यान; कविता; हिंदी; kolkhyan; kavita; hindi
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[texts]ल किधर से लायेंगे - प्रफुल्ल कोलख्यान
ये स्वजन हैं मान जायेंगेजब दिल से क्षमा के गीत गाये जायेंगेमुश्किल मगर यह कि अब दिल किधर से लायेंगे!
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; कविता; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]यह आप ही की लीला है  - प्रफुल्ल कोलख्यान
यह आप ही की लीला है प्रभु, आप ही जानते हैं!हम क्या कहें... क्या कहें हम कि लोकतंत्र है और हमें भी कुछ कहना है, कि यह आप ही की लीला है या यह कहें कि प्रभु कि जो कहना है सो कह दिया! 
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; कविता; लीला; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]ढूढू पनाह क्या मतलब - प्रफुल्ल कोलख्यान
जब तू ही मेरा दोस्त नहीं रहा जालिम तो।अब किसी और से रस्मो-राह, क्या मतलब।।
Keywords: कोलख्यान; कविता; हिंदी; kolkhyan; kavita; hindi
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[texts]एक दुर्लभ दृश्य    - प्रफुल्ल केलख्यान
वह रहमदिल अमेरिकी सैलानी इसे किसी भी कीमत पर खरीदना चाहता हैउसके पास सरकारी कागज है, उसकी खरीद से होनेवाली आय कर
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; कविता; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]डर, जो बाहर भी है और भीतर भी - प्रफुल्ल कोलख्यान
डर एक संदेश भी है इन दिनों। डर का संदेश हो जाना इसलिए भी त्रासद है कि एक समय चित्त की भय-शून्यता की कामना विश्व कवि रवींद्रनाथ के ठाकुर के काव्य में उतरकर कोलकाता ही नहीं, बंगाल ही नहीं, भारत ही न...
Keywords: kolkhyan; hindi; कोलख्यान; निशांत; आलोचना
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[texts]खुद को जीना सिखलाया - प्रफुल्ल कोलख्यान
मैं ने अपने जख्मों कोअपने दुख पर हँसना सिखलाया
Keywords: कोलख्यान; कविता; हिंदी; kolkhyan; kavita; hindi
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[texts]समकालीन चुनौतियों के सामने हिंदी कविता - प्रफुल्ल कोलख्यान
समकालीन कविता के बारे में दो विपरीत राय सामने आती है। कुछ लोग समकालीन कविता के परिदृश्य को बहुत ही हताशाजनक बताते हैं तो कुछ लोग इसे बहुत ही उत्साहवर्द्धक और गर्व करने लायक भी बताते हैं। प्रक...
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; कविता; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]पहिले फगुनवाँ में - प्रफुल्ल कोलख्यान
ननद चेतावे, देवर लहकावेना माने पवनवाँ, करे झीका झोरीपिया याद सतावे, कैसे कटे फगुनवाँ हो
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; गीत; फागुन; kolkhyan; hindi; geet
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[texts]हम आजाद हैं - प्रफुल्ल कोलख्यान
मिट्टी का होनाअंजुरी में एहसास हैधरती की उष्मा का
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; कविता; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]नंदनकानन के बाघ - प्रफुल्ल कोलख्यान
नंदनकानन के बाघस्थिति की नजाकत को भाँपते हुए बाघ महाराज ने कहाअसल मुसीबत की जड़ यह लोकतंत्र हैबाघ इसी लोकतंत्र से मरते हैं।
Keywords: कोलख्यान; हिंदी; कविता; kolkhyan; hindi; kavita
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[texts]प्रफुल्ल कोलख्यान की कुछ कविताएँ - प्रफुल्ल कोलख्यान
इसके पहले कि अखबार में कोई नया लीड आयेमैं जल्दी-से-जल्दीकिलकते हुएबच्चों को चूम लेना चाहता हूँ।
Keywords: कोलख्यान; कविताएँ; kolkhyan; hindi
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